Chapter 3
Chemical Kinetics
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अध्याय 3: रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics)
रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics) भौतिक रसायन (Physical Chemistry) की वह शाखा है, जिसमें रासायनिक अभिक्रिया की दर या गति, उसकी क्रियाविधि (Mechanism) तथा अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन किया जाता है।
दर के आधार पर रासायनिक अभिक्रियाओं का वर्गीकरण
1. अति तीव्र अभिक्रियाएँ (Very Fast Reactions)
ये अभिक्रियाएँ बहुत कम समय में, लगभग 10-16 से 10-14 सेकंड में पूर्ण हो जाती हैं।
सामान्यतः उदासीनीकरण (Neutralisation) तथा अवक्षेपण (Precipitation) जैसी आयनिक अभिक्रियाएँ बहुत तीव्र होती हैं।
उदाहरण:
NaOH + HCl → NaCl + H2O
AgNO3 + NaCl → NaNO3 + AgCl↓
ऐसी अति तीव्र अभिक्रियाओं की दर की गणना करना व्यावहारिक रूप से कठिन होता है।
2. अति मंद अभिक्रियाएँ (Very Slow Reactions)
इन अभिक्रियाओं को पूर्ण होने में बहुत अधिक समय लगता है, जैसे कई दिन, महीने या वर्ष।
उदाहरण:
- लोहे पर जंग लगना (Rusting of Iron)
- ग्रेफाइट का हीरे में परिवर्तन (Conversion of Graphite into Diamond)
ऐसी अत्यधिक मंद अभिक्रियाओं की दर की गणना करना व्यावहारिक रूप से उपयोगी नहीं होता है।
3. मध्यम गति की अभिक्रियाएँ (Moderate Reactions)
ये अभिक्रियाएँ मापने योग्य समयावधि, जैसे कुछ मिनटों या घंटों में पूर्ण होती हैं।
रासायनिक बलगतिकी में अध्ययन की जाने वाली अधिकांश अभिक्रियाएँ मध्यम गति की अभिक्रियाएँ होती हैं।
उदाहरण:
H2O2 → H2O + O2
CH3COOC2H5 + H2O → CH3COOH + C2H5OH
अभिक्रिया की दर (Rate of Reaction)
प्रति इकाई समय में किसी अभिकारक (Reactant) या उत्पाद (Product) की सांद्रता अथवा दाब में होने वाले परिवर्तन को अभिक्रिया की दर कहते हैं।
इसे सामान्यतः r द्वारा दर्शाया जाता है।
अभिक्रिया की दर को हमेशा धनात्मक राशि के रूप में व्यक्त किया जाता है।
अभिक्रिया की दर = अभिकारक/उत्पाद की सांद्रता या दाब में परिवर्तन ÷ परिवर्तन में लगा समय
सांद्रता के लिए:
r = ΔC/Δt
दाब के लिए:
r = ΔP/Δt
अभिक्रिया की दर का मात्रक:
mol L-1 time-1 या M time-1
अभिक्रिया की दर के प्रकार (Types of Rate of Reaction)
1. अभिक्रिया की औसत दर (Average Rate of Reaction)
अपेक्षाकृत बड़े समय अंतराल में मापी गई अभिक्रिया की दर को अभिक्रिया की औसत दर कहते हैं।
निम्न अभिक्रिया पर विचार कीजिए:
A → B
A के लुप्त होने की औसत दर:
औसत दर = -Δ[A]/Δt
या
औसत दर = -([A]2 - [A]1)/(t2 - t1)
B के बनने की औसत दर:
औसत दर = Δ[B]/Δt
या
औसत दर = ([B]2 - [B]1)/(t2 - t1)
2. अभिक्रिया की तात्क्षणिक दर (Instantaneous Rate of Reaction)
बहुत छोटे समय अंतराल में मापी गई अभिक्रिया की दर को तात्क्षणिक दर कहते हैं।
अभिक्रिया:
A → B
A के लुप्त होने की तात्क्षणिक दर:
r = -d[A]/dt
B के बनने की तात्क्षणिक दर:
r = d[B]/dt
अतः:
r = -d[A]/dt = d[B]/dt
अभिक्रिया की दर एवं स्टॉइकियोमेट्रिक गुणांक (Stoichiometric Coefficients)
निम्न सामान्य अभिक्रिया पर विचार कीजिए:
aA + bB → cC + dD
अभिक्रिया की दर को इस प्रकार लिखा जा सकता है:
r = -(1/a)d[A]/dt = -(1/b)d[B]/dt = (1/c)d[C]/dt = (1/d)d[D]/dt
- अभिकारक के लिए दर व्यंजक ऋणात्मक होता है, क्योंकि समय के साथ अभिकारक की सांद्रता घटती है।
- उत्पाद के लिए दर व्यंजक धनात्मक होता है, क्योंकि समय के साथ उत्पाद की सांद्रता बढ़ती है।
- अभिक्रिया की दर को स्वयं हमेशा धनात्मक माना जाता है।
उदाहरण: अमोनिया का निर्माण
N2 + 3H2 → 2NH3
r = -d[N2]/dt = -(1/3)d[H2]/dt = (1/2)d[NH3]/dt
उदाहरण
2H2 + O2 → 2H2O
r = -(1/2)d[H2]/dt = -d[O2]/dt = (1/2)d[H2O]/dt
दाब के पदों में दर (Rate in Terms of Pressure)
गैसीय अभिक्रिया के लिए:
PV = nRT
नियत आयतन तथा तापमान पर:
r = dn/(Vdt) = dP/(RTdt)
दर नियम (Rate Law)
अभिकारकों की सांद्रताओं के पदों में अभिक्रिया की दर को व्यक्त करने वाले संबंध को दर नियम (Rate Law) कहते हैं।
इसे दर समीकरण (Rate Equation) या दर व्यंजक (Rate Expression) भी कहा जाता है।
दर नियम एक प्रायोगिक अवधारणा (Experimental Concept) है।
मान लीजिए:
mA + nB → Products
प्रयोग द्वारा दर को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:
r ∝ [A]x[B]y
अतः:
r = k[A]x[B]y
जहाँ:
- k = दर स्थिरांक (Rate Constant)
- x = A के सापेक्ष अभिक्रिया की कोटि
- y = B के सापेक्ष अभिक्रिया की कोटि
- x + y = अभिक्रिया की समग्र कोटि (Overall Order)
x तथा y के मान आवश्यक रूप से स्टॉइकियोमेट्रिक गुणांकों m तथा n के बराबर नहीं होते हैं।
दर स्थिरांक (Rate Constant)
दर नियम में उपस्थित समानुपातिकता स्थिरांक को दर स्थिरांक (Rate Constant) कहते हैं।
इसे विशिष्ट अभिक्रिया दर (Specific Reaction Rate) या वेग स्थिरांक (Velocity Constant) भी कहा जाता है।
यदि:
r = k[A]x[B]y
जब:
[A] = 1 M तथा [B] = 1 M
तब:
r = k
अतः जब सभी अभिकारकों की सांद्रता इकाई हो, तब दर स्थिरांक का संख्यात्मक मान अभिक्रिया की दर के बराबर होता है।
दर स्थिरांक का मात्रक (Unit of Rate Constant)
समग्र कोटि n की अभिक्रिया के लिए:
k = (mol L-1)1-n time-1
या
k = M1-n time-1
शून्य कोटि अभिक्रिया (Zero-Order Reaction)
k = M time-1
प्रथम कोटि अभिक्रिया (First-Order Reaction)
k = time-1
द्वितीय कोटि अभिक्रिया (Second-Order Reaction)
k = M-1 time-1
या
k = L mol-1 s-1
तृतीय कोटि अभिक्रिया (Third-Order Reaction)
k = M-2 time-1
अभिक्रिया की दर एवं दर स्थिरांक (Rate of Reaction and Rate Constant)
- अभिक्रिया की दर उस गति को दर्शाती है, जिससे अभिकारक उत्पादों में परिवर्तित होते हैं।
- अभिक्रिया की दर अभिकारकों की सांद्रता पर निर्भर करती है।
- सांद्रता में परिवर्तन होने के कारण अभिक्रिया की दर समय के साथ बदलती रहती है।
- दर स्थिरांक, दर नियम में उपस्थित समानुपातिकता स्थिरांक है।
- किसी निश्चित तापमान पर दर स्थिरांक समय या सांद्रता के साथ नहीं बदलता है।
- अभिक्रिया की दर का मात्रक अभिक्रिया की कोटि पर निर्भर नहीं करता है।
- दर स्थिरांक का मात्रक अभिक्रिया की कोटि पर निर्भर करता है।
अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction)
प्रयोग द्वारा निर्धारित दर नियम में अभिकारकों की सांद्रताओं पर लगी घातों के योग को अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction) कहते हैं।
यदि:
r = k[A]x[B]y
अभिक्रिया की कोटि = x + y
- अभिक्रिया की कोटि एक प्रायोगिक राशि है।
- प्रयोग द्वारा निर्धारित दर नियम के आधार पर इसका मान शून्य, धनात्मक या भिन्नात्मक हो सकता है।
प्रायोगिक आँकड़ों से अभिक्रिया की कोटि का निर्धारण
मान लीजिए:
r = k[A]x[B]y
यदि B की सांद्रता को स्थिर रखते हुए A की सांद्रता दोगुनी की जाए, तो दर में होने वाले परिवर्तन से x का मान निर्धारित किया जा सकता है।
यदि A की सांद्रता को स्थिर रखते हुए B की सांद्रता दोगुनी की जाए, तो दर में होने वाले परिवर्तन से y का मान निर्धारित किया जा सकता है।
तब अभिक्रिया की समग्र कोटि होगी:
n = x + y
शून्य कोटि अभिक्रिया (Zero-Order Reaction)
वह अभिक्रिया जिसमें अभिक्रिया की दर, अभिकारक की सांद्रता की शून्य घात के समानुपाती होती है, शून्य कोटि अभिक्रिया कहलाती है।
यदि:
A → B
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